Digestion And Absorption मनुष्य में दो तरह के दांत पाए जाते है – इसे दुबारदंती (Diphyodont) अवस्था कहते है ये विषमदंती (Heterodont) होते है इनके आकार और नाप भिन्न होते है और ये गर्तदंती (Thecodont) होते है अतार्थ दांत जबड़े से बने सांचे में सिथत होते है स्थाई दांतों में 8 क्रतंक (Incisors), 4 रद्नक (Canines), 8 अग्रचवर्णक (Premolars) व् १२ चवर्णक (Molars) होते है मनुष्य का दन्त सूत्र 2123/2123*2 है आमाशय-J आकार का मोटा पेशीय अंग है यह भोजन को यांत्रिक रूप से पीसने व रासायनिक पाचन में मदद करता है इसका PH 2-3 होता है छोटी आंत-(Small Intestine ) – आहारनाल की सबसे बड़ी (6.25मी) पतली नलिका जेसी सरचना होती है इसके तीन भाग 1-अग्र ग्रहणी (ड्यूडीनम), 2-अग्रक्षुदान्त्र (जेजुनम ) 3-क्षुदान्त्र ( इलियम) बड़ी आंत्र में खुलती है इसके तीन भाग -1-अंधनाल Caecum , 2-वृहदान्त्र colon , 3-मलाशय Rectum Gastric Gland जठर ग्रंथ...
यह शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथी है Endoderm की भ्रूणीय परत से इसकी उत्पत्ति हुई है इसका वजन 1.2Kg से लेकर 1.5Kg मानव के यकृत के अंदर दो पालिया है Right Lobe ( बड़ा होता है ) & Left Lobe | दोनों लोब के बीच में Falciparum Ligament होता है Right Lobes के दो अन्य Lobe होते है a). Quadrate Lobe b). Caudate Lobe दायी बड़ी Lobe पाली के नीचे थैलिनुमा हरे रंग की रचना पाई जाती है जिसे पित्ताशय (Gall Blader) कहते है इसमें पित्त रस stored रहता है पित्ताशय से पित्त वाहनी Cystic Duct निकलकर , यकृत वाहनी Hepatic Duct से जुडती है व् सामान्य पित्तवाहनी बनाती है (Common bile duct) common bile duct + Pancreatic Duct = Hepato Pancratic Duct (यकृत अग्नाशय वाहनी) यकृत अग्नाशय वाहनी ग्रहणी में खुलती है Bile रस का Ph -7.6 से 8.6 तक अग्नाशय रस का Ph -7.5 to 8 , दोनों ही मिलकर अम्लीय भोजन को क्षारीय बनाते है Liver के अंदर अनेक यकृत पिंडक (लोब्यूल्स) पाए जाते है इसे लीवर की संरचात्मक व क्रियात्मक इकाई कहते है हिपेटिक लोब्यूल के अंदर विशेष प्रकार की कोशिकाए पायी जाती है इन्हें...
Comments
Post a Comment